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छत्तीसगढ़ में राट्रीय उद्यान (National Park In Chhattisgarh)

छत्तीसगढ़ में राट्रीय उद्यान  

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 3 राष्ट्रीय उद्यान (1. गुरू घासीदास   राष्ट्रीय उद्यान 2. इन्द्रावती राष्ट्रीय उद्यान 3. कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान) हैं।
                     
राष्ट्रीय उद्यान में वन्य जीवों के बचाव के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध रहता है, इसे केन्द्र स्तर पर इस उद्यान खोला जाता है।
अब हम छत्तीसगढ़ के 3 राष्ट्रीय उद्यान के बारे में विस्तार से जानेंगे।


इन्द्रावती राष्ट्रीय उद्यान  ( Indravati National Park)


स्थापना   -  1978

यह छत्तीसगढ़ का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है, यह उद्यान छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थिति है। इस उद्यान का क्षेत्रफल 1258 वर्ग किमी. पर फैला हुआ है।
छत्तीसगढ़ का एकमात्र कुटरू गेम सेंचुरी इसी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है, छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान जिसे प्रोजेक्ट टाइगर (1983) घोषित किया गया। प्रदेश सरकार ने 2009 में यहां टाईगर रिजर्व लागु किया । इस राष्ट्रीय उद्यान में बाघ ( टाईगर ) पाये जाते है।

गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान ( Guru Ghasidas National Park)


स्थापना - 1981
यह राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ के कोरिया एवं सूरजपुर जिले में  है, इस उद्यान का पुराना नाम संजय गांधी राष्ट्रीय था। इस  राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्रफल 1441 वर्ग किमी. है, यह राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्रफल की  द्दष्टि से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। 
गठन के समय संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान था और 2002 में इस उद्यान का नाम बदलकर गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के नाम से रखा गया।

प्रमुख जीव - नीलगाय, बाघ, तेंदुआ, सांभर



कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान ( Kanger bullet National Park)


स्थापना   -    22 जुलाई 1982

यह छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान है। कांगेर घाटी के बिच में कांगेर नदी बहती है, इस कारण इहका नाम कांगेर घाटी पड़ा। इस उद्यान का क्षेत्रफल 200 वर्ग किमी. है, इस राष्ट्रीय उद्यान में में प्रमुख जीव - पहाड़ी मैना, उड़न गिलहरी
तथा इसे एशिया का पहला बायोस्फियर घोषित किया गया था। कांगेर घाटी में कुटुम्बसर गुफा स्थिति है, जिसमें अंधी मछली पाई जाती है।




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